ब्रिक्स

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका

 

ब्रिक्स पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जहां विश्वभर की 43% आबादी रहती है, जहां विश्व का सकल घरेलू उत्पाद 30% है और विश्व व्यापार में इसकी 17% हिस्सेदारी है।

आदिवर्णिक शब्द ब्रिक का पहली बार प्रयोग वर्ष 2001 में गोल्डमैन साक्स ने अपने वैश्विक आर्थिक पत्र “द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनोमिक ब्रिक्स्” में किया था, जिसमें इकॉनोमीट्रिक विश्लेषण के आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि आने वाले समय में ब्राजील, रूस, भारत एवं चीन की अर्थव्यवस्थाओं का व्याक्तिनगत और सामूहिक रूप से विश्व के आर्थिक क्षेत्रों पर नियंत्रण होगा और अगले 50 वर्षों में ये विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से होंगी।

एक औपचारिक समूह के रूप में सेंट पीटर्सबर्ग में जुलाई 2006 में जी-8 आउटरीच शिखर सम्मेलन के अवसर पर रूस, भारत तथा चीन के नेताओं की बैठक के पश्चात ब्रिक का प्रारम्भन किया गया था। न्यूयॉर्क में सितम्बर 2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर ब्रिक समूह के विदेश मंत्रियों की प्रथम बैठक के दौरान ब्रिक को औपचारिक रूप प्रदान किया गया। ‘ब्रिक’ के प्रथम शिखर सम्मेकलन का आयोजन रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में 16 जून, 2009 को किया गया।

सितम्बर 2010 में न्यूयॉर्क में ब्रिक विदेश मंत्रियों की बैठक में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करके ब्रिक को ब्रिक्स में विस्तार करने पर सहमति बनी थी। तद्नुसार, दक्षिण अफ्रीका 14 अप्रैल, 2011 को सान्या, चीन में आयोजित तीसरे ब्रिक्सष शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ।

अब तक सात ब्रिक्स सम्मेलन हो चुके हैं। भारत वर्ष 2016 में अपनी अध्यक्षता में 8वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। पिछले शिखर सम्मेलनों का ब्यौरा इस प्रकार हैः-

तत्वतः परस्पर हित के आर्थिक मुद्दों से प्रारंभ करते हुए ब्रिक्स बैठकों के एजेंडे का दायरा वर्ष-दर-वर्ष बढ़ा है जिसमें विषयगत वैश्विक मुद्दे शामिल हुए हैं। ब्रिक्स सहयोग के दो स्तम्भ हैं- नेताओं और साथ ही वित्त, व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कृषि, संचार, श्रम आदि के मंत्रियों की बैठकों के माध्यम से परस्पर हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श और कार्य समूहों/वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों के माध्यम से कई क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग। नियमित वार्षिक शिखर सम्मेलन तथा जी-20 शिखर सम्मेलनों के अवसर पर नेताओं की बैठकें आयोजित की जाती हैं।